Kalpna Chouhan

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ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 19"

दर्श आध्या को पार्टी के बीच से निकलकर कैफ़े ले गया जहा दर्श ने सारा इंतज़ाम कर रखा था, वहा जाकर आध्या ने देखा तो उसकी आँखे हैरानी से बड़ी बड़ी हो गई, सामने चारो तरफ बलूंस लगे थे और एक टेबल बीचो बीच रखी थी, वही टेबल के पीछे की दिवार पर फूलो से आय लव यू आध्या लिखा हुआ था, आध्या ये सब देखकर हैरान हो गई और पीछे मुड़कर देखा तो पाया दर्श उसके सामने अपने घुटनो पर बैठा है, दर्श ने आध्या का एक हाथ पकड़ा और बोला

दर्श :- आध्या मैं तुमसे ये बात बहुत दिनों से कहना चाहता था, मुझे नहीं पता की कब कहा कैसे पर मैं तुमसे प्यार करने लगा हु, तुम्हारी वो बाते, तुम्हारी हसी, तुम्हारी सादगी, इन सबसे मुझे प्यार हो गया है, आय लव यू आध्या, आय रियली लव यू टिल माय लास्ट ब्रीथ

आध्या हैरान सी खड़ी बस दर्श को देख रही थी, उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की क्या हो रहा है, उसे तो अभी भी ये सब किसी सपने को तरह लग रहा था जो पलक झपकते ही गायब हो जायेगा, इसे समझ नहीं आ रहा था की जिससे वो प्यार करती है आज वो उसे प्रोपोज़ कर रहा है इसलिए उसे कुछ समझ नहीं आया और वो बिना कुछ बोले वहा से भागकर बाहर आ गई और एक टैक्सी लेकर घर चली गई, वही आध्या के यु अचानक चले जाने से दर्श को समझ नहीं आया की वो कैसे रियेक्ट करे क्युकी ना तो आध्या ना हा कहा था और ना मना किया था, उसके यु बिना जबाब दिये जाने के करण दर्श को अपने दिल में कुछ टूटता सा महसूस हुआ, उसे लगा की आध्या को उसका प्रोपोज़ करना अच्छा नहीं लगा लेकिन फिर उसने ज्यादा कुछ नहीं सोचा, उसने सोचा की जब तक आध्या उसके प्रपोजल का हा या ना में जबाब नहीं दे देती तब तक वो कुछ भी गलत नहीं सोच सकता, लेकिन फिर भी आध्या के यु खामोशी से जाने के करण उसकी आँखो में हल्कि नमी आ गई थी, उसने तुरंत खुद को संभाला फिर अपनी बाइक लेकर आध्या की टैक्सी के पीछे चला गया, जैसे ही आध्या सुरक्षित अपने घर के अंदर गई दर्श ने भी अपनी बाइक अपने घर की तरफ मोड़ दी ।

अब दर्श और आध्या की मुलाकात बहुत कम होती थी, वो भी शीतल और नयन के करण, दर्श जब भी आध्या से मिलता उससे अपना जबाब मांगता लेकिन आध्या हर बार खामोश रही उसे कभी कहने का मौका ही नहीं मिला, जब वो कहने को होती हर बार ऐसी परिस्तिथि आ जाती की उनके बाते अधूरी रह जाती ।

___________FLASHBACK END___________


आध्या इतना सब सोचते सोचते सो गई लेकिन उसने अब मन में ये तय कर लिया था की अब वो दर्श को अपने दिल की बात बताकर ही रहेगी ।

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अगली सुबह किआरा जल्दी उठती है तो बच्चे पहले ही उठकर शांति से खेल रहे थे, किआरा प्यार से उनके माथे पर किस करके गुड मॉर्निंग बोलती है फिर बच्चों को तैयार करने लगती है, बच्चों को तैयार कर उन्हे बेड पर बिठाती है और उनके एक साइड तकिये से दिवार बना देती है, दूसरी साइड तो इवन लेता हुआ था तो जरूरत नहीं थी, किआरा फिर कपड़े लेकर खुद फ्रेश होने चली जाती है तब तक इवान भी उठ जाता है और बच्चों के साथ खेलने लगता है ।

किआरा वाशरूम से आती है और इवान को गुड मॉर्निंग विश करती है तो बदले में इवान भी मुस्कुरा कर उसे विश करता है, फिर इवान भी खुद फ्रेश होने चला जाता है तो किआरा तैयार होने के बाद वन्या और उत्कर्ष को लेकर नीचे चली जाती है फिर सुमित्रा जी और पायल जी की मदद करने लगती है ।
आरती करने के बाद सब नाश्ता करते है फिर सब अपने अपने काम पर चले जाते है ।
धीरे धीरे कुछ दिन बीत जाते है,और इन बीते दिनों में किआरा और इवान अच्छे दोस्त बन गये थे, दोनो एक दूसरे से अपनी बाते शेयर करते और एक दूसरे की हेल्प करते थे, किआरा इवान की कभी कभी उसके ऑफिस के कामो में कोई प्रॉब्लम होती तो उसकी मदद कर दिया करती थी, इसी तरह एक महीना बीत गया, अब कुछ दिनों बाद करवा चौथ का व्रत आने वाला था तो सुमित्रा जी किआरा से पूछती व्रत के लिए है तो किआरा व्रत करने के लिए हाँ बोल देती है ।

आज करवा चौथ का दिन था तो किआरा आज जल्दी उठ जाती है और सारी तैयारियां कर लेती है, फिर सभी के लिए नाश्ता बनाती है और डाइनिंग टेबल पर सबको नाश्ता परोसती है तो सुमित्रा जी इवान से बोलती है

सुमित्रा जी :- इवान बेटा आज घर जल्दी आ जाना

इवान ( असमंजस में ) :- क्यू माँ ?

सुमित्रा जी :- क्युकी आज करवा चौथ है बेटा और आज किआरा ने तुम्हारे लिए व्रत रखा है, और चांद देख तुम्हारा चेहरा देखकर और जब तक तुम उसको पानी पिलाकर उसका व्रत नहीं तोड़ देते वो अपना व्रत कैसे खोलेगी इसलिए आज जल्दी आ जाना बेटा

सुमित्रा जी की बात सुन कर इवान एक नजर किआरा की तरफ देखता है जो सबको खाना परोसने में बिजी थी तो वो वापस सुमित्रा जी की तरफ देखकर हाँ में सिर हिला देता है और नाश्ता कर थोड़ी देर बाद ऑफिस चला जाता है ।
शाम को सभी करवा चौथ की पूजा की तैयारियां करने लगते है, उन्होंने बाहर गार्डन में ही आरती की सारी तैयारियां की थी, वही उन्होंने व्रत खुलने के बाद सभी के खाने का इंतेज़ाम भी किया था, सारी तैयारियां होने के बाद सभी तैयार होने चले जाते है, किआरा अपने रूम में जाकर लाल रंग की साड़ी पहनती है, और सारा श्रृंगार एक सुहागन की तरह करती है, हाथो में लाल चुड़िया, मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र, पेरो में आलता लगाकर पायल पहनी हुई और पेरो की उंगलियों में बिछिया, कमरबंद पहन किआरा बहुत अच्छी लग रही थी ।

किआरा नीचे आई और सुमित्रा जी के साथ बाकी की तैयारियां करने लगी, पंडित जी के आने के बाद सभी आरती करती है और पूजन करने बैठ जाती है ।





To be continued....................

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8 Comments

Miss Chouhan

11-Nov-2022 11:24 AM

Nice story😊😊😊

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Abeer

27-Oct-2022 02:58 PM

Bahut achhi rachana

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Pratikhya Priyadarshini

27-Oct-2022 01:26 AM

Bahut khoob 🙏🌺

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